https://youtu.be/SxTK39jVzQw
चोरों की तरह मुंह छुपा रहा हुड्डा का पूर्व ओएसडी
झूठ का पर्दाफाश होने पर क्यों नहीं बता रहा सच्चाई
नाम : रविंद्र हुड्डा उर्फ बब्बल
 पता : निवासी वसंत विहार, रोहतक
पहचान:  पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा का X ओएसडी 
आरोप : राहुल गांधी की दिल्ली रैली में पहचान छुपाई
-हरियाणा का छोटा-बड़ा कांग्रेसी रविंद्र हुड्डा उर्फ बबल के नाम से अच्छी तरह वाकिफ है।
-यह वह शख्स है जो भूपेंद्र हुड्डा के 10 साल के राजकाज में चंडीगढ़ कोठी में OSD हुआ करता था।
-10 साल तक बब्बल सुपर VVVIP का दर्जा रखता था।
-उसके एक फोन पर बड़े-बड़े तुर्रम खां अफसरों का मिजाज ढीला हो जाता था ।
-सरकार जाने के बाद भी रविंद्र हुड्डा भूपेंद्र हुड्डा का खासमखास है और उनकी सभी गुप्त रणनीतियों में सक्रिय भूमिका निभाता है।
-उसी रविंद्र हुड्डा ने 29 तारीख को दिल्ली रैली में मीडिया के सामने खुद की पहचान छुपाने का काम किया ।
-आखिर क्या वजह थी कि बब्बल हुड्डा को अपनी रोहतक की पहचान छुपाकर खुद को सिरसा का निवासी बताना पड़ा?
 -आखिर क्या वजह थी बब्बल राहुल गांधी की रैली में रामलीला मैदान के अंदर नहीं गया?
– आखिर रविंद्र हुड्डा रामलीला मैदान के बाहर क्या कर रहे थे ?
-सवाल है कि रविंद्र हुड्डा को भूपेंद्र हुड्डा ने क्या खास जिम्मेदारी रैली को लेकर सौंपी थी ?
-सवाल है कि रविंद्र हुड्डा ने अपनी फर्जी पहचान क्यों बनाई ?
-सवाल है कि रविंद्र हुड्डा ने अपना चेहरा छुपाने का प्रयास क्यों किया?
– सवाल है कि अपने झूठ का पर्दाफाश होने के बाद वह लापता क्यों हो गए हैं?
– सवाल है कि बेपर्दा होने के चार दिन बाद भी रविंद्र हुड्डा मीडिया को हकीकत क्यों नहीं बता रहे हैं ?
-सवाल है कि रविंद्र हुड्डा भूपेंद्र हुड्डा के किस राज को छुपा रहे हैं ?
इन सभी सवालों का जवाब मिलना बहुत जरुरी है ।
अगर रविंद्र हुड्डा ने कोई गलत काम नहीं किया है तो उन्हें मीडिया के सामने आकर इस बात का जवाब देना चाहिए की उन्होंने दिल्ली में मीडिया के सामने अपना असली नाम और असली पहचान क्यों छुपाई ।रविंद्र हुड्डा ने अपनी पहचान छुपाकर भूपेंद्र हुड्डा का भी सियासी नुकसान करने का काम किया है क्योंकि हर तरफ यही शक जाहिर किया जा रहा है कि भूपेंद्र हुड्डा के इशारे पर ही रविंद्र हुड्डा कोई गलत काम को अंजाम दे रहे थे। इसलिए रविंद्र हुड्डा का पर्दे के सामने आकर मीडिया को सच्चाई बताना बेहद जरूरी है ।खास बात यह है कि रविंद्र हुड्डा के अलावा उनकी जुंडली के दूसरे लोगों ने भी अपनी असली पहचान छुपाने का काम किया । आखिर यह गैंग रैली स्थल के बाहर क्या कर रहा था और किस लिए उसने फर्जीवाड़े का सहारा लिया ?
बब्बल हुड्डा कोई आम शख्स नहीं है। वह पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा के खासमखास लोगों में शामिल हैं जो उनकी हर रणनीति का खास हिस्सा रहते हैं।  इसलिए बब्बल हुड्डा के फर्जीवाड़े की तह में जाना बहुत जरूरी है। खुद पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा को भी बब्बल को यह आदेश देना चाहिए कि वह मीडिया के सामने आकर अपनी झूठ का कबूलनामा करते हुए असली बात को उजागर करें। अगर बब्बल मीडिया के सामने नहीं आते हैं तो उसका अर्थ यही है कि उन्होंने भूपेंद्र हुड्डा के कहने पर ही रैली को फेल करने की साजिश में हिस्सा लिया और इसीलिए उन्होंने खुद का नाम और पता सही बताने की बजाय सिरसा का नाम लिया।
खरी खरी बात यह है कि 5 दिन बीत जाने के बाद भी रविंद्र हुड्डा का मुंह नहीं खोलना इस बात की ओर इशारा कर रहा है कि वह ठीक नियत से रैली स्थल पर मौजूद नहीं थे। जिस तरह से उन्होंने अपनी असली पहचान छुपाकर जूठा पता बताया। उससे यह जाहिर है कि वह अपनी पहचान जाहिर नहीं करना चाहते थे।अपनी पहचान छुपाने के कारण ही रविंद्र हुड्डा शक के घेरे में आ गए हैं। कांग्रेस में है चर्चा चल रही है कि भूपेंद्र हुड्डा ने रैली की सफलता के लिए काम करने की बजाय उसे फेल करने की रणनीति पर काम किया। भूपेंद्र हुड्डा के खास लोगों का रैली स्थल के बाहर मौजूद होना और अपनी पहचान को छुपाना यह साबित करता है कि कांग्रेस के लोग कांग्रेस के खिलाफ ही कुछ गलत काम कर रहे थे।
इस बात से पर्दा उठाया जाना चाहिए कि आखिर वहां पर क्या हो रहा था और किसके इशारे पर हो रहा था बबल हुड्डा के फर्जीवाड़े ने कहीं ना कहीं पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा को भी सवालों के घेरे में लाने का काम किया है क्योंकि बब्बल हुड्डा अभी भी भूपेंद्र हुड्डा के आवास पर देखे जा रहे हैं ।ऐसे में उनकी मंशा पर भी सवाल उठाने वाले लोगों की संख्या कम नहीं है । भूपेंद्र हुड्डा की राहुल गांधी के प्रति निष्ठा पहले ही संदिग्ध रही है। ऐसे में उनके खास लोगों का रैली स्थल के बाहर संदिग्ध हालात में अपनी पहचान छुपाना किसी बड़े गेम के तरफ इशारा कर रहा है।

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