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दुष्यंत चौटाला थे असली निशाना 

लोकसभा चुनाव को लेकर अभी से पैंतरेबाजी शुरू 

इनेलो को बदनाम करके करने का था मुख्य लक्ष्य
कुलदीप श्योराण
 चंडीगढ़। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर पर कल हिसार में रोड शो के दौरान फेंका गया तेल विरोध की राजनीति नहीं बल्कि बड़ी साजिश का हिस्सा था।
 जी हां फैंका गया तेल गिरा तो मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के कपड़ों पर था  मगर उसका असली टारगेट मनोहर लाल खट्टर नहीं बल्कि सांसद दुष्यंत चौटाला थे।
 जी हां जिस तरह से एक कांग्रेसी वर्कर ने इनेलो का फर्जी वर्कर बनकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर पर काला तेल फेंका और देवीलाल जिंदाबाद, ओम प्रकाश चौटाला जिंदाबाद के नारे लगाए वह साफ तौर पर एक सोची समझी साजिश का हिस्सा नजर आती है।
आरोपी युवक की पहचान प्रवीण सांवत के रुप में हुई है,  जो आदमपुर के जाखोद गांव का रहने वाला है। प्रवीण सावंत कांग्रेस का कट्टर वर्कर है।।
इनेलो को बदनाम करने की साजिश
जिस तरह से युवक ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर पर तेल फेंकने के बाद देवीलाल जिंदाबाद, औम प्रकाश चौटाला जिंदाबाद के नारे लगाए वह इस बात का प्रतीक था कि वह जानबूझकर खुद को इनेलो का वर्कर साबित करना चाहता था। इस नारेबाजी के कारण मीडिया और CM के साथ चल रहे लोगों ने यह तुरंत मान लिया कि वह इनेलो का वर्कर है। यह तो बाद में पोल खुली कि यह इनेलो का फर्जी वर्कर है और कांग्रेस का असली वर्कर है। मुख्यमंत्री पर तेल फेंककर इनेलो को बदनाम करने की साजिश रची गई ताकि गैर जाट वोटरों में इनेलो की छवि खराब होगी और अगले चुनाव में वह इनेलो को वोट न देने का फैसला अभी से कर लें।
क्यों रची गई साजिश??
 यह सभी जानते हैं कि हिसार संसदीय सीट पर 2014 में देवीलाल परिवार और भजन आल परिवार में कांटे की टक्कर हुई थी जिसमें दुष्यंत चौटाला कुलदीप बिश्नोई को हराकर सबसे युवा सांसद बने थे। भजनलाल परिवार के समर्थकों में यह हार अभी भी खटक रही है और वह आगामी चुनाव में इसका बदला लेने को आतुर हैं। इसी लक्ष्य को हासिल करने के लिए इनेलो को बदनाम करने की साजिश रची गई ताकि दुष्यंत चौटाला को कम वोट मिले और भजनलाल परिवार का सदस्य आगामी लोकसभा चुनाव जीत जाए।
 दुष्यंत क्यों निशाने पर?? 
यह लगता है कि आगामी लोकसभा चुनाव में भी इनेलो की तरफ से हिसार संसदीय सीट से दुष्यंत चौटाला ही लोकसभा चुनाव लड़ेंगे और उनके सामने एक बार फिर भजनलाल परिवार का सदस्य ही होगा।देवीलाल परिवार और भजनलाल परिवार के इस सियासी घमासान पर सबकी निगाह रहेगी और दोनों परिवारों के समर्थक हर हाल में जीत दर्ज करने का जज्बा रखते हैं।
भजनलाल परिवार के समर्थक अभी से उस रसूख की जंग के लिए तैयारी में जुट गए हैं। वेयर अगले चुनाव में दुष्यंत चौटाला को हराकर पिछली हार का बदला चुकाना चाहते हैं। शायद इसलिए जज्बाती हो कर परवीन सावंत ने इनेलो को बदनाम करने की साजिश रचते हुए मुख्यमंत्री पर तेल फेंकने का काम किया। भजनलाल परिवार के समर्थक जानते हैं कि दुष्यंत चौटाला साथ ही अगले लोकसभा चुनाव में उनके नेता की परिवार की सियासी जंग होगी। दुष्यंत को हराना अगली बार भी आसान नहीं होगा। दुष्यंत चौटाला उसी सूरत में हार सकते हैं जब इनेलो से लोगों को नफरत हो जाए और उसे खिलाफ वोट पड़े। लोगों के मन में इनेलो के प्रति नफरत भरने के लिए ही मुख्यमंत्री पर तेल फेंका गया और इनेलो के नाम को बीच में फर्जी तौर पर घसीटा गया।
खरी खरी बात यह है कि दुष्यंत चौटाला घर के अंदर और बाहर हर जगह चुनौतियों का सामना कर रहे हैं लेकिन वह तमाम रुकावटों के बावजूद लगातार खुद को जनता की कसौटी पर खरा उतरने में सफल रहे हैं। इस कारण उनकी छवि भी लगातार बेहतर बनी हुई है। शायद कांग्रेस वर्करों को यह लग रहा है कि सीधे तरीके से दुष्यंत चौटाला को हराना संभव नहीं है इसलिए वह  टेढ़े तरीक़े से दुष्यंत की हार का  प्रबंध करना चाहते हैं। उनका सोचना है कि दुष्यंत चौटाला को हराने के लिए इनेलो को कमजोर करना जरूरी है और कमजोर करने के लिए उसका बदनाम होना जरूरी है। इसी लक्ष्य को हासिल करने के लिए कांग्रेस वर्कर ने फर्जी इनेलो वर्कर बनकर मुख्यमंत्री पर तेल फेंकने का निंदनीय काम किया ।
अगर परवीन सावंत की असलियत की पोल नहीं खुलती तो इनेलो की साख पर  बड़ा धब्बा लगने का काम हो गया था और इसका उसे भारी खामियाजा भी भुगतना पड़ता। लेकिन कांग्रेस वर्कर की पोल खुलने के बाद अब यह साफ हो गया है कि इनेलो को बदनाम करने और दुष्यंत चौटाला को हराने की मानसिकता के तहत यह तेल फैंकने की साजिश रची गई। कांग्रेस वर्करों को दुष्यंत चौटाला को हराने के लिए अपनी पार्टी ग्राफ ऊपर उठाना होगा और जनता का भरोसा जीतना होगा। इनेलो को बदनाम करने की मंशा और दुष्यंत चौटाला को हर हाल में हराने के साजिश रचना उनके खुद के लिए भस्मासुर साबित हो सकती है।

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