बरोदा की बिसात
काउंट डाउन 95

लोकसभा चुनाव में बरोदा में हुड्डा का झंडा रहा था बुलंद

लोकप्रियता के मामले में हुड्डा बरोदा में खट्टर से हैं कोसों आगे

बरोदा में हुड्डा से टक्कर लेना खट्टर के लिए नहीं आसान

कुलदीप श्योराण
चंडीगढ़। बरोदा उपचुनाव में जीत हासिल करने के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा पर मानसिक दबाव डालने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री खट्टर ने कहा कि सोनीपत की जनता पहले ही भूपेंद्र हुड्डा को लोकसभा चुनाव में हराकर फैसला सुना चुकी है और बरोदा के उपचुनाव में भी भाजपा जीत हासिल करेगी।
मुख्यमंत्री का यह बयान आधा सच और आधा झूठ है।
यह बात सच है कि लोकसभा चुनाव में भूपेंद्र हुड्डा सोनीपत लोकसभा सीट पर चुनाव हार गए थे लेकिन यह बात झूठ है कि बरोदा विधानसभा हलके में हुड्डा को हार मिली थी।
सच्चाई है कि प्रधानमंत्री मोदी की बड़ी आंधी के बावजूद बरोदा विधानसभा हलके ने भूपेंद्र हुड्डा को भाजपा  प्रत्याशी रमेश कौशिक पर 18000 वोटों की लीड दी थी।
भूपेंद्र हुड्डा को बरोदा हलके में 65000 वोट मिले थे जबकि भाजपा का प्रत्याशी 47000 वोट ले पाया था।
प्रधानमंत्री मोदी के सामने बरोदा हलके के लोगों ने भूपेंद्र हुड्डा पर विश्वास जताया था और उन्हें असरदार लीड के जरिए अपना समर्थन दिया था। बरोदा हलके के लोगों ने बता दिया था कि वह प्रधानमंत्री मोदी के मुकाबले भूपेंद्र हुड्डा को ज्यादा चाहते हैं।

उपचुनाव में होगा हुड्डा और खट्टर का मुकाबला

विधानसभा उपचुनाव में अब मुकाबला भूपेंद्र हुड्डा और मनोहर लाल खट्टर के बीच में होगा। गठबंधन और कांग्रेस के प्रत्याशियों के बजाय पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा और वर्तमान मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की साख दांव पर लगी होगी।
भूपेंद्र हुड्डा की गहरी पैठ बरोदा हलके में जगजाहिर है जबकि मनोहर लाल खट्टर को अपना दमखम अभी दिखाना है।
बरोदा हलके ने लगातार तीन बार कांग्रेस प्रत्याशी को जिताया है।
ऐसे में उपचुनाव में कांग्रेस को पछाड़ना बीजेपी-जेजेपी के लिए आसान नहीं होगा। भूपेंद्र हुड्डा के गढ़ में जीत हासिल करना मुख्यमंत्री खट्टर के लिए किसी भी सूरत में आसान नहीं होगा।

खरी खरी बात है कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर बखूबी जानते हैं कि बरोदा में जीत हासिल करना बहुत बड़ी चुनौती है। सरकार के बलबूते पर वे कांग्रेस के इस गढ़ को जीतने की हर संभव कोशिश करेंगे।
भूपेंद्र हुड्डा की हार को हाईलाइट करके खट्टर उनके मनोबल को हिलाने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन खट्टर जानते हैं कि बरोदा हलके में भूपेंद्र हुड्डा का मजबूत जनाधार है और ऐसे में उनके जबड़े से जीत छीनना किसी भी तरह से आसान नहीं होगा।
भूपेंद्र हुड्डा के रसूख का सवाल बनने पर भाजपा के लिए यहां पर जीत हासिल करना टेढ़ी खीर होगा। अभी आधा सच आधा झूठ बोलकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर भूपेंद्र हुड्डा पर हावी होने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन जमीनी हकीकत यही है कि बरोदा हलके में अभी भी कांग्रेस का पलड़ा भारी नजर आ रहा है क्योंकि यहां पर कांग्रेस के बजाय भाजपा के विरोधी वोट ज्यादा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *