हरियाणा सरकार का मानना है कि ग्राम पंचायत का मुखिया ‘राष्ट्रपति’ होता है, सरपंच नहीं। सरकार के मुताबिक ‘एक और एक ग्यारह’ मुहावरे का मतलब ‘गायब होना’ है ना कि ‘एकता में बल’। सरकार ने अपने ज्ञान का ये बखान अपनी भर्ती संस्था हरियाणा स्टाफ़ सिलेक्शन कमीशन के ज़रिए किया है। HSSC ने सरकारी भर्तियों के पेपर में ये तमाम उत्तर दिए हैं। इतना ही नहीं, परीक्षार्थियों के ऑब्जेक्शन देने के बावजूद कमीशन अपने उत्तरों पर कायम है। इनको सही साबित करने के लिए कमीशन कोर्ट का सामना करने को भी तैयार है। खरी-खरी न्यूज़ ने कमीशन के इस गड़बड़झाले, अनपढ़ रवैये, गैर-ज़िम्मेदाराना रुख़ और साज़िश का पर्दाफाश किया है। इस वीडियो में कमीशन के चंद कारनामों को दिखाया गया है। क्योंकि इसके कारनामों को एक वीडियो में समेटना मुश्किल था। इस वीडियो को ज़रुर देखिए। साथ ही इसे ज़्यादा से ज़्यादा शेयर कीजिए। ताकि प्रदेश के युवाओं के साथ हो रहे खिलवाड़ का पूरी तरह पर्दाफाश हो और ऐसा करने वाली संस्था और सरकार अपनी करनी पर शर्मिंदा हो।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *